Released in 1986, Jaanbaaz remains one of the most stylish and ambitious films of 1980s Hindi cinema. Produced and directed by Feroz Khan, the film blended family drama, romance, action, and crime within a visually lavis...
View on Facebookटोनी एक अनाथ नौजवान है, जिसकी जिंदगी में आगे-पीछे कोई नहीं है। बचपन में ही उसके मामा-मामी ने उसे इस शहर में भटकने के लिए छोड़ दिया। वह शहर की गलियों और फुटपाथों पर पलता हुआ बड़ा हुआ और एक ऐसा नौजवान बन गया, जो सुपारी लेकर हफ्ता वसूली से लेकर किसी भी तरह का अपराध करने से जरा भी नहीं हिचकता।
एक म्यूजिकल शो में स्टेज गायिका सपना को देखकर टोनी उसका दीवाना हो जाता है। टोनी नहीं जानता था कि सपना कौन है, किस परिवार से है, वह बस सोचे-समझे बगैर वह सपना को अपना बनाने के सपने देखने लगता है। सपना उसका दिल नहीं तोड़ना चाहती थी, लेकिन उसे हकीकत का आइना जरूर दिखाना चाहती थी, लिहाजा वह टोनी को डॉक्टर अर्जुन भाटिया के पास ले जाती है, जिसके साथ सपना की शादी तय हो चुकी है। यह जानने के बाद भी टोनी हिम्मत नहीं हारता और सपना को पाने की ललक उसके अंदर बरकरार रहती है। टोनी तय करता है कि वह हैसियत में सपना के परिवार की बराबरी करेगा और फिर उनसे अपने लिए सपना का हाथ मांगेगा। हैसियत बनाने के चक्कर में टोनी एक सरकारी अधिकारी डॉ. खुराना से कुछ कागजातों पर जबर्दस्ती साइन कराने की सुपारी ले लेता है और डॉ. खुराना को पेपर साइन करने या गंभीर परिणामों की धमकी देता है।
एक मोड़ पर टोनी को एहसास होता है कि डॉ. खुराना रिश्ते में सपना के पिता हैं और टोनी के दबाव में कुछ ऐसे कागजातों पर साइन कर चुके हैं, जिनसे ड्रग स्मगलर राज मालैया के लिए शहर में नशीली दवाओं की तस्करी का रास्ता साफ हो जाएगा। खुराना गिरफ्तार हो जाते हैं और उनकी पत्नी आत्महत्या कर लेती है। टोनी को अब अपनी गलती का एहसास होता है और वह अपनी इस गलती को किसी भी कीमत पर सुधारना चाहता है, दुसरी ओर अपने परिवार की तबाही से टुट चुकी सपना की जिंदगी की जिम्मेदारी भी टोनी पर आ जाती है और धीरे-धीरे वह टोनी को चाहने लगती है। टोनी पहले सपना के सामने अपनी गलती मानने से झिझकता है, लेकिन बाद में वह सपना को सारी हकीकत बता देता है। टोनी फैसला करता है कि वह उन लोगों को उनके अंजाम तक पहुंचा कर रहेगा, जिनकी वज़ह से सपना का परिवार बिखरा है। कड़िकों को जोड़ता हुआ टोनी राज मालैया तक पहुंच जाता है और राज मालैया से सपना के पिता की बेगुनाही साबित करने के लिए कहता है। उधर, राज मालैया भी टोनी को बर्बाद करने की साजिश में लग जाता है। अपनी और सपना की जिंदगी की हिफाजत करते हुए टोनी आखिरकार दुश्मनों को उनके अंजाम तक पहुंचाने में कैसे कामयाबी पाता है, टोनी की किस्मत क्या-क्या रंग दिखाती है। देखिए फिल्म “किस्मत” में।
(From the official press booklet)